Thursday, June 4, 2009

सोनार का किला


जैसलमेर की त्रिकुटा पहाड़ी पर बने इस विशाल किले का निर्माण 1156 में राव जैसल ने करवाया था । पीले बलुआ पत्थरों से बना यह किला इस उजाड़ रेगिस्तान में किसी संतरी की भांति खड़ा है । यह किला सूर्य की रोशनी में सोने के समान चमकता है इसी सुनहरी आभा के कारण इस का नाम सोनार का किला पड़ा । इस किले के 99 बुर्ज हें तथा सूरज पोल, अक्षय पोल, गणेश पोल एंव हवा पोल 4 प्रमुख द्वार हैं । इस किले के परकोटे में पूरा नगर समाया हुआ है । इस किले में कई संकरी गलियां हैं जिनमें कई ख़ूबसूरत हवेलियाँ हैं । jaisalmer RAJASTHAN

2 comments:

neeraj1950 June 4, 2009 at 5:32 PM  

जैसलमेर का किला अद्भुत है...
नीरज

महामंत्री - तस्लीम June 5, 2009 at 6:13 PM  

इस ऐतिहासिक धरोहर से मिलकर अच्छा लगा।
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

Blog Widget by LinkWithin

  © Blogger templates Psi by Ourblogtemplates.com 2008

Back to TOP