Thursday, June 11, 2009

मेहरानगढ़ का किला

125 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित काफी विस्त्रित क्षेत्र में बना यह भव्य किला राजस्थान की विराट इमारतों में से एक है । यह किला मयूर ध्वज के नाम से भी जाना जाता है । बाहर से अद्रश्य घुमावदार सड़कों से जुडे़ इस किले में 4 द्वार हैं । किले में कई भव्य महल हैं इनमें मोती महल, फूल महल, शीश महल, सिलेह खाना, ओर दोलत खाना प्रमुख हैं । किले के अदभुत नक्काशीदार दरवाजे ओर जालीदार खिड़कीयां महल की खूबसूरती को बयां करती है । किले में शाही साजोसामान, पालकीयों, संगीत वाद्यों, पोशाकों व विभिन्न शैलीयों के चित्रों का संग्रह भी है जो देखने लायक है ।

5 comments:

रंजन June 11, 2009 at 3:30 PM  

इसका तो इंतजार था.. कभी तो जोधपुर आओगे.. पर ५ किमी लम्बा तो नहीं है ये किला? बचपन गुजरा है दोस्त वहां पर..

RAJNISH PARIHAR June 11, 2009 at 5:05 PM  

राजस्थान में आपका स्वागत है...पधारो म्हारे देश...!पर मित्र आपने किले का पूरा अवलोकन करके ही कुछ लिखना चाहिए था...!ये तो एक ट्रेलर सा है ..कहानी तो पूरी बाकी है...!इतनी संक्षिप्त जानकारी से तो कुछ पता नहीं चलेगा....

नीरज गोस्वामी June 11, 2009 at 5:57 PM  

जोधपुर शहर के हर कोने से ये किला दीखता है...शानदार...काश आप इसके बारे में अधिक जानकारी देते...
नीरज

anil June 11, 2009 at 6:01 PM  

रंजन जी,रजनीश जी यह जानकारी पत्रिकाओं ओर विकी से एकत्रित की गई है अगर कोई त्रुटी हो गई है तो क्षमा चाहता हूं हर जगह जाकर अवलोकन करके लिखना तो संभव नही हो सकता

Science Bloggers Association June 12, 2009 at 4:14 PM  

अच्‍छा लगा यह जानकर। कभी मौका मिला, तो अवश्‍य घूमने जाएंगे।

-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

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